भारतीय संसद- GK in Hindi-targetstudy

 भारतीय संसद- GK in Hindi nice general knowlodge
Sansad
Sansad


संसद की शक्तियां

• विधायी शक्तियाँः संसद संविधान के अनुसार संघ सूची तथा समवर्ती सूची के सभी
कार्यपालिका शक्तियाँः केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् अपनी नीति और कार्यों के लिए संसद के फूल उत्तरदायी होती है । संसद मंत्रिपरिषद् के सदस्यों से ' प्रश्न पूछकर ' , ' निन्दा प्रस्ताव ' , ' अविश्वास .

वित्तीय शक्तियाँ : संसद का देश की आर्थिक व्यवस्था पर पूरा नियंत्रण रहता है । कर सण •

न्यायिक शक्तियाँ : इसके अधीन संसद राष्ट्रपति , उच्चतम तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश •

अन्य शक्तियाँः ( क ) राष्ट्रपति तथा उप - राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग लेती है , ( ख ) राज्यों की सीमाओं , तथा नामों में परिवर्तन कर सकती है तथा नये राज्यों का गठन कर सकती है ( ग ) संविधान .लाक सभा का गठन होता है । संसद की शक्तियां पर कानून बना सकती है ।

भारतीय संसद देश का सर्वोच्च विधायी निकाय है। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। 1951-52 के वर्षों के दौरान, नए संविधान के तहत पहला आम चुनाव हुआ और पहला निर्वाचित संसद अप्रैल, 1952 में अस्तित्व में आया।

प्रस्ताव ' , आदि के माध्यम से उस पर नियंत्रण रखती है । अनुदान आदि मांगें तभी प्रभावी होती हैं जब संसद उन्हें स्वीकृति प्रदान कर दी तथा निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध महाभियोग चला सकती है ।


राज्य सभा


. अमेरिकी सीनेट की भांति राज्य सभा एक स्थायी सदन है । 


अनुच्छेद 80 के अनुसार , राज्य सभा में अधिकतम 250 सदस्य होते हैं । वर्तमान में यह संख्या 245 है ।


 • इनमें 12 सदस्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों ( कला , विज्ञान , साहित्य , समाज सेवा एवं सहकानि से राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाते हैं । शेष 238 सदस्यों का निर्वाचन होता है ।


 • राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से होता है । राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों को राज्य सभा के सदस्य के निर्वाचन में - का अधिकार प्राप्त है । राज्य सभा के सदस्यों के निर्वाचन में विधान सभा के मनोनीत तथा विधान परिषद् के सदस्य भाग नहीं लेते ।


 • राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन आनुपातिक प्रणाली के आधार पर एकल संक्रमणीय द्वारा होता है ।


 • संघ शासित प्रदेशों में राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन संसद द्वारा बनाये गये कानून के पर तथा दिल्ली में राज्य सभा के प्रतिनिधियों का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा प्रत्येक सदस्य का निर्वाचन 6 वर्षों के लिए किया जाता है । 


• सदन के एक - तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष बाद सेवानिवृत हो जाते हैं । . किसी सदस्य की अयोग्यता के कारण उसे सदस्यता से वंचित किया जा सकता है ।


 • इसके अतिरिक्त बिना सूचना के 60 दिनों तक राज्य सभा से अनुपस्थित रहने पर : का स्थान रिक्त समझा जाता है । . राज्य सभा की बैठक के लिए सदन की कुल संख्या का 10 वां भाग उपस्थित


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